“षट्पञ्चाशिका” नामक पुस्तक पंडित दीननाथ झा द्वारा लिखित है। यह पुस्तक वेदान्त दर्शन के महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। पंडित दीननाथ झा ने इस पुस्तक में वेदान्त दर्शन के मूल सिद्धांतों, विचारों और तत्त्वों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की है। इसमें वेदान्त दर्शन की महत्वपूर्ण शिक्षाएं, ब्रह्म, आत्मा, माया, कर्म, और जगत् के विषय में ज्ञान को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।
“षट्पञ्चाशिका” में प्रस्तुत ग्रंथों के विषयों को सरल और संवेदनशील भाषा में व्याख्या किया गया है ताकि वेदान्त दर्शन के प्रेमी और अध्ययन करने वाले पाठक इसे समझने में सहायक हो सकें। यह पुस्तक विचारशीलता, आध्यात्मिकता, और ज्ञान को प्रोत्साहित करती है, और वेदान्त के अद्वैत सिद्धांत को समझने और अपनाने में सहायक हो सकती है।
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