छांदोग्य उपनिषद हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में से एक है। यह उपनिषद श्रेणी के धार्मिक और दार्शनिक ग्रंथों में शामिल है और इसे ‘उपनिषद’ की पांडुलिपियों में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। छांदोग्य उपनिषद संगीति और संगीत से संबंधित भी है और यह विशेष रूप से वेदांत के सिद्धांतों को समझाने के लिए जाना जाता है।
मुख्य बिंदु:
- संरचना: छांदोग्य उपनिषद मुख्यतः साम वेद के एक अंग के रूप में प्रस्तुत किया गया है और इसमें 8 अध्याय (प्रपाठक) होते हैं।
- विषय-वस्तु: यह उपनिषद जीवन, ब्रह्मा (सर्वशक्तिमान), आत्मा और ब्रह्मा के अद्वितीयता के सिद्धांतों को समझाता है। इसमें आत्मा के वास्तविक स्वरूप और ब्रह्मा से उसकी एकता की बात की जाती है।






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