पुस्तक का नाम: योगवासिष्ठ-महारामायणम् (1-5)
लेखक: ठाकुर प्रसाद द्विवेदी
पुस्तक विवरण:
“योगवासिष्ठ-महारामायणम्” ठाकुर प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित एक प्रमुख और गहन धार्मिक ग्रंथ है। यह ग्रंथ योगवासिष्ठ का विस्तृत और व्यापक संस्करण है, जिसमें इसके मूल रूप को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक की मुख्य विशेषताएँ:
- योगवासिष्ठ का सार: इस पुस्तक में योगवासिष्ठ के उपदेशों और शिक्षाओं को विस्तार से समझाया गया है। योगवासिष्ठ एक महत्वपूर्ण वेदांत ग्रंथ है जो जीवन, ब्रह्मा, और आत्मा के संबंध में गहरे दार्शनिक विचार प्रस्तुत करता है।
- संपूर्ण भाग: यह संस्करण ग्रंथ के पांच खंडों में विभाजित है, जिसमें प्रत्येक खंड में योगवासिष्ठ के विभिन्न हिस्सों का विवरण और व्याख्या दी गई है।
- दार्शनिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण: पुस्तक में जीवन की सच्चाईयों, आत्मज्ञान, और मोक्ष की प्राप्ति के मार्ग पर गहराई से चर्चा की गई है। इसमें योग और वेदांत के सिद्धांतों को स्पष्ट और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया है।






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