डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू का ‘विष्णुधर्मोत्तरीय चित्रसूत्रम’ पर अध्ययन एक महत्वपूर्ण शोध कार्य है जो भारतीय कला और संस्कृति के महत्वपूर्ण आधारभूत ग्रंथों में से एक है।
विष्णुधर्मोत्तरीय चित्रसूत्रम विशेष रूप से चित्रकला और संस्कृति के प्रति अपने समर्पण और महत्वपूर्ण दिशानिर्देशों के लिए प्रसिद्ध है। इस ग्रंथ में चित्रकला के विभिन्न पहलुओं का विवरण और निरूपण किया गया है, जो विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक, और सामाजिक संदेशों को साझा करते हैं।
डॉ. जुगनू की शोध शिल्प और साहित्य के संबंध पर एक व्यापक और गहन अध्ययन प्रस्तुत करती है, जिसमें ‘विष्णुधर्मोत्तरीय चित्रसूत्रम’ के संकलन को विशेष ध्यान में लिया जाता है। उनका अध्ययन इस ग्रंथ के विचारों, कलात्मक मूल्यों, और संदेशों को समझने में मदद करता है और भारतीय कला और संस्कृति के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करता है।






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