वर्णबीजप्रकाशः” (Varnabijaprakasha) परमहंस मिश्र द्वारा रचित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विशिष्ट तंत्र ग्रंथ है। यह पुस्तक वर्ण बीजों और उनके गूढ़ अर्थों पर केंद्रित है, जो तंत्र साधना और मंत्र विद्या में विशेष महत्व रखते हैं।
पुस्तक की विशेषताएँ:
- वर्ण बीजों का विवेचन: इस ग्रंथ में वर्ण बीजों के महत्व, उनके उच्चारण, और उनके गूढ़ अर्थों का विस्तार से विवेचन किया गया है। यह पुस्तक प्रत्येक वर्ण बीज के पीछे छिपे आध्यात्मिक और तांत्रिक रहस्यों को उजागर करती है।
- तांत्रिक साधना में महत्व: वर्ण बीजों का तंत्र साधना और मंत्र विद्या में विशेष स्थान है। इस पुस्तक में वर्ण बीजों के प्रयोग और उनके सही उच्चारण से होने वाले प्रभावों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- मंत्र शक्ति का विश्लेषण: पुस्तक में विभिन्न मंत्रों में प्रयुक्त होने वाले वर्ण बीजों का विश्लेषण किया गया है, जिससे साधक यह समझ सकें कि मंत्रों की शक्ति कैसे बढ़ाई जा सकती है और वे अपने आध्यात्मिक लक्ष्यों को कैसे प्राप्त कर सकते हैं।






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