सिद्धसिद्धान्तपद्धतिः (Siddhasiddhantapaddhati) द्वारिका प्रसाद शास्त्री द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण योगिक और तांत्रिक ग्रंथ है, जो गोरखनाथ परंपरा के सिद्धांतों और साधना विधियों पर आधारित है। यह ग्रंथ विशेष रूप से नाथ संप्रदाय की शिक्षाओं को स्पष्ट करता है और साधकों के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करता है।
ग्रंथ के मुख्य विषय:
- गोरखनाथ परंपरा: इस खंड में गोरखनाथ और उनके द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों का वर्णन है। गोरखनाथ नाथ संप्रदाय के एक प्रमुख गुरु माने जाते हैं, और उनकी शिक्षाएँ योग, तंत्र, और साधना के क्षेत्र में अत्यधिक प्रभावशाली रही हैं।
- सिद्धांत और दर्शन: सिद्धसिद्धान्तपद्धतिः में आत्मा, परमात्मा, और संसार के संबंध में नाथ संप्रदाय के सिद्धांतों और दार्शनिक दृष्टिकोण का वर्णन किया गया है। इसमें जीव, शिव, शक्ति, और माया के सिद्धांतों को गहराई से समझाया गया है।
- योग साधना: ग्रंथ में योग साधना की विधियों का विस्तृत वर्णन है, जिसमें अष्टांग योग, कुंडलिनी जागरण, और हठयोग के विभिन्न अंगों का वर्णन है। यह साधक को योगिक साधना के गूढ़ रहस्यों को समझने और उन्हें अपनी साधना में लागू करने में मदद करता है।






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