संक्षिप्त अष्टांग हृदय (सूत्रस्थान) अनुप लता द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जो आयुर्वेद के प्राचीन और प्रतिष्ठित ग्रंथ ‘अष्टांग हृदय’ के सूत्रस्थान का संक्षिप्त और सारगर्भित प्रस्तुति है। इस पुस्तक का उद्देश्य आयुर्वेद के इस मौलिक ग्रंथ को सरल और सुलभ रूप में पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि वे आयुर्वेद के सिद्धांतों और चिकित्सा विधियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
इस पुस्तक में ‘अष्टांग हृदय’ के सूत्रस्थान के प्रमुख श्लोकों और सिद्धांतों का संक्षिप्त विश्लेषण और व्याख्या की गई है। इसके साथ ही, इन श्लोकों का आधुनिक संदर्भ में महत्त्व और उनके चिकित्सकीय अनुप्रयोगों पर भी चर्चा की गई है।
पुस्तक की भाषा सरल और सुबोध है, जो इसे आयुर्वेद के छात्रों, चिकित्सकों और इस प्राचीन विज्ञान में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती है। अनुप लता ने ‘अष्टांग हृदय’ के जटिल सिद्धांतों को सरलता से समझाने का प्रयास किया है, जिससे यह पुस्तक आयुर्वेद की शिक्षा में सहायक सिद्ध होती है।
मुख्य विशेषताएं:
- ‘अष्टांग हृदय’ के सूत्रस्थान का संक्षिप्त और सरल प्रस्तुति
- प्रमुख श्लोकों और सिद्धांतों की विस्तृत व्याख्या
- आयुर्वेदिक चिकित्सा और सिद्धांतों का आधुनिक संदर्भ में विश्लेषण
- छात्रों और चिकित्सकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका
- सरल और सुलभ भाषा में आयुर्वेद का ज्ञान
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