“मानसोल्लास” भाग V, जिसे डॉ. श्रीकृष्ण ‘जुगनू’ द्वारा संपादित और अनुवादित किया गया है, एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो प्राचीन भारतीय ज्ञान, कला, विज्ञान, और संस्कृति का विस्तृत वर्णन करता है। “मानसोल्लास” 12वीं शताब्दी के चालुक्य राजा सोमेश्वर तृतीय द्वारा रचित एक विश्वकोशीय ग्रंथ है, और इसका पांचवां खंड विशेष रूप से विविध विषयों पर केंद्रित है जो उस समय की सामाजिक, सांस्कृतिक, और वैज्ञानिक समझ को दर्शाता है।
डॉ. श्रीकृष्ण ‘जुगनू’ ने इस भाग का अनुवाद और संपादन करते समय प्राचीन पाठ को आधुनिक पाठकों के लिए सुलभ बनाने का प्रयास किया है। भाग V में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला गया है:
- नृत्य और संगीत: इस खंड में विभिन्न नृत्य शैलियों, संगीत वाद्ययंत्रों, और गायन की विधाओं का विस्तृत वर्णन है। इसमें नृत्य और संगीत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को भी समझाया गया है।
- भोजन और पाककला: विभिन्न प्रकार के भोजन, उनके पकाने की विधियाँ, और उनका पोषण मूल्य। इसमें विभिन्न भोजनों की तैयारी के पारंपरिक तरीकों और उनके स्वास्थ्य लाभों का विवरण दिया गया है।
- आयुर्वेद और चिकित्सा: प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, औषधियों की तैयारी, और विभिन्न रोगों के उपचार के तरीकों का वर्णन। इसमें आयुर्वेद के सिद्धांतों और उनके अनुप्रयोगों को भी शामिल किया गया है।
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