कायचिकित्सा का विवरण (हिंदी में)
कायचिकित्सा आयुर्वेद की एक प्रमुख शाखा है, जिसका उद्देश्य शरीर की बीमारियों का इलाज करना और स्वस्थ शरीर की रक्षा करना है। “काय” का अर्थ है शरीर और “चिकित्सा” का अर्थ है उपचार। इस प्रकार, कायचिकित्सा का तात्पर्य शरीर की बीमारियों का उपचार और प्रबंधन है।
कायचिकित्सा में कई प्रकार की बीमारियों का उपचार शामिल है, जैसे:
- अन्नवह स्रोतस (पाचन तंत्र) की बीमारियाँ: इसमें पेट और पाचन तंत्र से संबंधित बीमारियाँ शामिल होती हैं।
- रसायन चिकित्सा: यह शरीर को पुनर्जीवित करने और बुढ़ापे को रोकने के लिए उपाय करता है।
- वाजीकरण: यह यौन स्वास्थ्य और प्रजनन संबंधी समस्याओं का उपचार करता है।
- ज्वर चिकित्सा: इसमें विभिन्न प्रकार के बुखार का इलाज शामिल होता है।
- कुष्ठ चिकित्सा: इसमें कुष्ठ रोग और त्वचा से संबंधित बीमारियों का इलाज किया जाता है।
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