कश्मीरीय शैवदर्शन एवं स्पन्दशास्त्र (Kashmiri Shaiv Darshan Evam Spanda Shastra) एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो कश्मीरी शैव दर्शन और स्पन्द शास्त्र पर आधारित है। यह पुस्तक कश्मीरी शैववाद की गहनता और उसकी विशिष्टता को उजागर करती है, विशेष रूप से स्पन्द (स्पंद) के सिद्धांतों पर।
पुस्तक का विवरण:
कश्मीरीय शैवदर्शन एवं स्पन्दशास्त्र कश्मीरी शैववाद के सिद्धांतों, उनके दर्शन, और तात्त्विक आधारों की विस्तृत व्याख्या प्रदान करती है। इस ग्रंथ में विशेष रूप से स्पन्द शास्त्र पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो कश्मीरी शैव दर्शन का एक महत्वपूर्ण अंग है।
प्रमुख बिंदु:
- कश्मीरी शैवदर्शन: यह दर्शन शिव और शक्ति के अद्वितीय स्वरूप की व्याख्या करता है और सृष्टि के परम तत्त्व के रूप में शिव की भूमिका को समझाता है। इसमें शिव और शक्ति की एकता, विश्व की उत्पत्ति, और उसकी संपूर्णता पर प्रकाश डाला गया है।






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