कामरत्नतन्त्र (कामरत्नतन्त्र) – लेखक: पं. हरिहर प्रसाद त्रिपाठी
कामरत्नतन्त्र पं. हरिहर प्रसाद त्रिपाठी द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो तांत्रिक परंपराओं में काम (इच्छा) और कामुकता के गूढ़ रहस्यों को उजागर करता है। यह ग्रंथ विशेष रूप से तांत्रिक दृष्टिकोण से शारीरिक और मानसिक कामनाओं की साधना और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझाता है।
पुस्तक में तंत्र के माध्यम से यौन ऊर्जा को नियंत्रित कर आत्म-उन्नति और आध्यात्मिक साधना की ओर अग्रसर होने के मार्ग का वर्णन किया गया है। इसमें तांत्रिक अनुष्ठानों और साधनाओं के विवरण के साथ-साथ यौन क्रियाओं के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक पहलुओं को भी विस्तार से बताया गया है।
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