“ग्रहगति का क्रामिक विकास” श्रीचंद्र पांडेय द्वारा लिखित एक प्रमुख ग्रंथ है जो ज्योतिष शास्त्र के महत्वपूर्ण विषय “ग्रहगति” पर ध्यान केंद्रित करता है। इस पुस्तक में ग्रहों की गति, उनका प्रभाव, और उनके चाल का विश्लेषण किया गया है।
“ग्रहगति का क्रामिक विकास” में ज्योतिष विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है और इसका महत्व बताया गया है। ग्रहों के गतिविधि और उनके संबंधित शास्त्रों के माध्यम से मनुष्य के जीवन पर उनका प्रभाव विस्तारपूर्वक प्रकट किया गया है।
इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य ज्योतिष विज्ञान के विशेष विषय “ग्रहगति” को सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना है ताकि लोग अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझें और उन पर ध्यान दें।






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