“गर्गमनोरमा” श्री दीनानाथ झा द्वारा लिखित एक प्रमुख ग्रंथ है जो हिंदी साहित्य के एक महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान केंद्रित करता है। इस पुस्तक में विभिन्न कथाएं, कहानियाँ, और उपन्यासों का संग्रह है, जो रोमांचक, शिक्षाप्रद, और मनोरंजनात्मक हैं।
“गर्गमनोरमा” के कथा-संग्रह में विविधता है जो आधुनिक हिंदी साहित्य की समृद्धि को दर्शाती है। इसमें समाज, राजनीति, प्रेम, परिवार, और मानवीय रिश्तों के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया है।
“गर्गमनोरमा” का मुख्य उद्देश्य पाठकों को मनोरंजन के साथ-साथ समाज की विभिन्न मुद्दों पर विचार करने के लिए प्रेरित करना है। इसका साहित्यिक योगदान और गहराई से बोध करने का संदेश है।