भावप्रकाश एक प्रमुख आयुर्वेदिक ग्रंथ है जिसे आचार्य भावमिश्र ने लिखा है। यह ग्रंथ मुख्य रूप से औषधियों, उनके गुण, और रोगों के इलाज के लिए उनके उपयोग पर केंद्रित है। भावप्रकाश आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों और औषधि-निर्माण की विधियों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
इस ग्रंथ में औषधियों के विभिन्न प्रकार, उनकी विशेषताएँ, और रोगों के उपचार के लिए उनके उपयोग की विधियाँ विस्तृत रूप से वर्णित की गई हैं। इसमें विशेष रूप से औषधियों के गुण, उनका प्रभाव, और उनके संयोजन की विधियाँ शामिल हैं। भावप्रकाश आयुर्वेदिक चिकित्सा के अध्ययन और अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है।






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