“अष्टांगसंग्रह (सूत्रस्थान)” अरुण कुमार त्रिपाठी द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक ग्रंथ है, जो आयुर्वेद के प्राचीन सिद्धांतों और चिकित्सा पद्धतियों का संकलन है। यह पुस्तक विशेष रूप से अष्टांगसंग्रह के सूत्रस्थान भाग पर केंद्रित है, जो आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांतों का गहन अध्ययन प्रस्तुत करता है।
पुस्तक का विवरण:
- सूत्रस्थान का परिचय: पुस्तक में अष्टांगसंग्रह के सूत्रस्थान का विस्तृत वर्णन किया गया है, जिसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा के आधारभूत सिद्धांतों और नीतियों का वर्णन किया गया है। इसमें स्वास्थ्य की रक्षा, रोगों के कारण, और उनके निवारण के लिए आवश्यक उपायों की चर्चा की गई है।
- आयुर्वेदिक सिद्धांत: पुस्तक में त्रिदोष (वात, पित्त, कफ), पंचमहाभूत, धातु, मल, और अग्नि जैसे आयुर्वेदिक सिद्धांतों की विस्तार से व्याख्या की गई है। यह आयुर्वेदिक चिकित्सा के मूल सिद्धांतों को समझने में सहायक है।
- संस्कृत श्लोकों का अनुवाद: पुस्तक में मूल संस्कृत श्लोकों का हिंदी अनुवाद और उनकी सरल व्याख्या प्रस्तुत की गई है। इससे विद्यार्थियों और चिकित्सकों को श्लोकों के गहरे अर्थ को समझने में आसानी होती है।






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