“वैयाकरण भूषणसारः” श्री पंडित कालिकान्त झा का एक प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरण पाठ है। यह पाठ संस्कृत व्याकरण के महत्वपूर्ण सिद्धांतों और नियमों का संक्षेपित संग्रह है। इसमें व्याकरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है, जिसमें वर्ण, धातु, पद, कारक, संज्ञा, क्रिया, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, आदि शामिल हैं।
श्री पंडित कालिकान्त झा द्वारा लिखा गया यह पाठ छात्रों और अध्यापकों के लिए व्याकरण के महत्वपूर्ण विषयों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है। इस पाठ में व्याकरण की मुख्य सिद्धियों को सरलता से व्याख्या किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को व्याकरण के प्रमुख तत्वों की समझ में सहायता मिलती है।
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