श्री तंत्र दुर्गासप्तशती (श्रीतन्त्रदुर्गासप्तशती) स्वामी रामचन्द्रपुरी द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो तंत्र परंपरा और दुर्गासप्तशती के गूढ़ रहस्यों का विश्लेषण और विवेचन करता है। यह पुस्तक तंत्र साधना, देवी उपासना, और दुर्गासप्तशती के मंत्रों की महिमा पर आधारित है। इस ग्रंथ में दुर्गासप्तशती के 700 श्लोकों की तांत्रिक दृष्टि से व्याख्या की गई है।
पुस्तक का मुख्य उद्देश्य पाठक को तंत्र साधना की गहराईयों से परिचित कराना और दुर्गासप्तशती के मंत्रों की शक्ति और प्रभाव का अनुभव कराना है। रामचन्द्रपुरी ने इस ग्रंथ में तंत्र की गूढ़ विधियों और प्रक्रियाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है ताकि साधक इनका अभ्यास कर सके और तंत्र साधना में सफलता प्राप्त कर सके।






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