श्रीमत्प्रपञ्चसारसारसंग्रह: (दो खंड)
लेखक: के. एस. सुब्रह्मण्य शास्त्री
श्रीमत्प्रपञ्चसारसारसंग्रह: एक प्राचीन और महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो तंत्र शास्त्र और अद्वैत वेदांत के गहन सिद्धांतों पर आधारित है। यह ग्रंथ आदिशंकराचार्य द्वारा रचित प्रपञ्चसार पर आधारित है, जिसमें सृष्टि, तंत्र, और साधना के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत वर्णन है। के. एस. सुब्रह्मण्य शास्त्री द्वारा इस ग्रंथ का संकलन और व्याख्या की गई है, जो इसे अध्ययन और साधना के लिए अत्यंत उपयोगी बनाता है।
मुख्य विषयवस्तु:
- सृष्टि का रहस्य: इस ग्रंथ में सृष्टि के उत्पत्ति और विस्तार से जुड़े गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डाला गया है। इसमें बताया गया है कि कैसे पंचमहाभूतों और विभिन्न तत्वों के माध्यम से इस ब्रह्मांड की रचना हुई है, और कैसे यह अद्वैत सिद्धांत के साथ तंत्र साधना से जुड़ा हुआ है।
- तंत्र शास्त्र की विधियाँ: पुस्तक में तंत्र शास्त्र के विभिन्न सिद्धांतों और साधना विधियों का विस्तार से वर्णन किया गया है। इसमें यंत्र, मंत्र, और तंत्र की साधना के माध्यम से आत्मज्ञान और मुक्ति प्राप्त करने के उपायों को समझाया गया है।
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