श्रीमद्भागवत-महापुराणम् अन्वितार्थ प्रकाशिका – रामतेज पांडेय द्वारा
विवरण: “श्रीमद्भागवत-महापुराणम् अन्वितार्थ प्रकाशिका” पुस्तक श्रीमद्भागवत महापुराण के गहरे और सूक्ष्म अर्थों की व्याख्या प्रस्तुत करती है। रामतेज पांडेय ने इस पुस्तक में श्रीमद्भागवत के विभिन्न श्लोकों और कथाओं के गहन अध्ययन के आधार पर उन परंपरागत और आधुनिक व्याख्याओं को संकलित किया है जो पाठकों को इस पुराण के मूलभाव और संदेश को समझने में मदद करती हैं।
पुस्तक में भागवत महापुराण के विभिन्न अंशों का विवरण और विश्लेषण किया गया है, जिससे पाठक न केवल पुराण की सतही जानकारी प्राप्त कर सके, बल्कि उसकी गहरी आत्मा और सिखावनियों को भी समझ सके। यह व्याख्याएँ धार्मिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और पाठकों को श्रीमद्भागवत के वास्तविक तात्पर्य को समझने में सहायक होती हैं।
उद्देश्य: यह पुस्तक उन सभी के लिए उपयोगी है जो श्रीमद्भागवत महापुराण की गहराई और जटिलताओं को समझना चाहते हैं। यह न केवल अध्ययनार्थियों और धार्मिक विद्वानों के लिए, बल्कि आम पाठकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ स्रोत के रूप में कार्य करती है।
विशेषताएँ:
- श्रीमद्भागवत के विभिन्न भागों की विस्तृत व्याख्या
- पौराणिक कथाओं और श्लोकों का ऐतिहासिक और दार्शनिक विश्लेषण






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