श्रीकुलार्णवतन्त्रम्
लेखक: परमहंस मिश्रा
श्रीकुलार्णवतन्त्रम् तंत्र शास्त्र के क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राचीन ग्रंथ है, जो कौल मार्ग (कुल मार्ग) की साधना पर आधारित है। परमहंस मिश्रा द्वारा रचित इस पुस्तक में तांत्रिक साधना, कुल धर्म, और देवी उपासना के विभिन्न गूढ़ रहस्यों का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह ग्रंथ उन साधकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो तंत्र साधना के गहरे और रहस्यमय मार्ग में प्रविष्टि करना चाहते हैं।
मुख्य विषयवस्तु:
- कुल मार्ग की महत्ता: इस ग्रंथ में कुल मार्ग, जिसे कौल मार्ग भी कहा जाता है, की विशेषताओं और उसकी महत्ता का वर्णन किया गया है। कुल मार्ग तंत्र साधना का एक विशिष्ट पथ है, जो साधक को शैव और शक्तिपूजा के माध्यम से आत्मज्ञान और मुक्ति की ओर ले जाता है।
- कुलाचार और अनुष्ठान: पुस्तक में कुलाचार की विधियों और अनुष्ठानों का विस्तार से वर्णन किया गया है। इसमें देवी की पूजा, यंत्र और मंत्र साधना, तथा तांत्रिक अनुष्ठानों की गूढ़ प्रक्रियाओं का वर्णन है, जो साधक को तंत्र के रहस्यमय और शक्तिशाली स्वरूप से जोड़ता है।
- शक्ति और शिव का संबंध: इस ग्रंथ में शिव और शक्ति के अद्वितीय और अभिन्न संबंध पर प्रकाश डाला गया है। इसमें बताया गया है कि कैसे साधक शिव और शक्ति के संगम के माध्यम से आत्मज्ञान और सिद्धि की प्राप्ति कर सकते हैं।
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