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“स्तोत्र रत्नावली” एक धार्मिक ग्रंथ है, जो विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की स्तुति के लिए प्रसिद्ध है। इस ग्रंथ में विभिन्न स्तोत्रों का संकलन किया गया है, जो भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की महिमा का वर्णन करते हैं। यहाँ “स्तोत्र रत्नावली” का विस्तृत विवरण प्रस्तुत है:
स्तोत्र रत्नावली का महत्व
- नाम का अर्थ:
- “स्तोत्र”: प्रशंसा या स्तुति।
- “रत्नावली”: रत्नों की माला, यहाँ पर इसका तात्पर्य है कि यह ग्रंथ स्तुतियों का संग्रह है, जो रत्नों की माला के समान मूल्यवान हैं।
- विषय:
- “स्तोत्र रत्नावली” में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की स्तुतियों का संग्रह किया गया है। इसमें विभिन्न स्तोत्रों, मंत्रों, और प्रार्थनाओं का समावेश है जो इन दिव्य शक्तियों की आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उपयोगी होते हैं।






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