सहस्त्रनाम स्त्रोत संग्रह (या सहस्त्रनाम संग्रह) एक धार्मिक ग्रंथ है जिसमें विभिन्न देवताओं के सहस्त्रनाम (हजारों नाम) की सूची होती है। यह ग्रंथ विशेष रूप से हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण है, और इसका उद्देश्य देवताओं की पूजा और उनके प्रति श्रद्धा को प्रकट करना है।
सहस्त्रनाम स्त्रोत संग्रह के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सहस्त्रनाम का अर्थ: ‘सहस्त्रनाम’ का मतलब होता है ‘हजारों नाम’। यह ग्रंथ विभिन्न देवताओं के हजारों नामों का संग्रह होता है, जो उनके विभिन्न गुणों, शक्तियों और विशेषताओं को दर्शाते हैं।
- प्रमुख सहस्त्रनाम ग्रंथ:
- विष्णु सहस्त्रनाम: भगवान विष्णु के हजारों नामों का संग्रह है। इसमें भगवान विष्णु के विभिन्न रूपों और उनके दिव्य गुणों का वर्णन होता है।
- शिव सहस्त्रनाम: भगवान शिव के हजारों नामों का संग्रह है, जिसमें शिव की विभिन्न अवधारणाएँ और उनके गुणों का वर्णन होता है।
- दुर्गा सहस्त्रनाम: देवी दुर्गा के हजारों नामों का संग्रह है, जिसमें देवी दुर्गा के विभिन्न रूप और शक्तियों का उल्लेख होता है।
- पूजा विधि: सहस्त्रनाम स्त्रोत संग्रह का पाठ विशेष पूजा विधियों के साथ किया जाता है। इसमें नियमित पाठ, जाप, और मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। पूजा का उद्देश्य देवता की कृपा प्राप्त करना और भक्त की आध्यात्मिक उन्नति है।






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