“मानसोल्लास” भाग IV, जिसे डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू द्वारा संपादित और अनुवादित किया गया है, एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो प्राचीन भारतीय साहित्य और ज्ञान की धरोहर है। “मानसोल्लास” एक संस्कृत ग्रंथ है जिसे 12वीं शताब्दी के चालुक्य राजा सोमेश्वर तृतीय ने लिखा था। इस ग्रंथ का उद्देश्य राजाओं और प्रबंधकों को शासन, कला, विज्ञान, और विभिन्न जीवन कौशल में मार्गदर्शन प्रदान करना था।
भाग IV में, डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने इस ग्रंथ के उन हिस्सों का अनुवाद और व्याख्या की है जो कृषि, पशुपालन, और समाज के प्रबंधन से संबंधित हैं। इस भाग में निम्नलिखित विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है
- कृषि विज्ञान: प्राचीन कृषि पद्धतियों, फसलों की जानकारी, भूमि प्रबंधन, और जल संरक्षण तकनीकों का वर्णन।
- पशुपालन: विभिन्न पशु प्रजातियों की देखभाल, पशु चिकित्सा, और पशु पोषण के उपाय।
- शासन प्रबंधन: प्रशासनिक नीतियां, राजकाज की विधियां, और न्याय प्रणाली।
- संस्कृति और कला: संगीत, नृत्य, और अन्य कलाओं का वर्णन, जो समाज के सांस्कृतिक विकास में सहायक हैं।
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