ललितोपाख्यानम्” – टी. एन. के. तिरुमुलपाद
यह पुस्तक “ललितोपाख्यानम्” श्री टी. एन. के. तिरुमुलपाद द्वारा रचित है और यह तंत्र विद्या के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ के रूप में मानी जाती है। इस ग्रंथ में देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी के जीवन, उनके दिव्य लीलाओं, और उनके महत्व के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है।
पुस्तक का मुख्य विषय और विशेषताएँ:
- ललिता त्रिपुरसुंदरी का वर्णन: पुस्तक देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी के विभिन्न रूपों और उनके दिव्य कार्यों का वर्णन करती है। इसमें देवी की महिमा, उनके विभिन्न पहलुओं, और उनके भक्तों के लिए मार्गदर्शन शामिल है।
- दिव्य कथाएँ: “ललितोपाख्यानम्” में देवी ललिता की दिव्य कथाओं का वर्णन है, जो भक्तों को उनकी पूजा और साधना में मार्गदर्शन प्रदान करता है। ये कथाएँ धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व की होती हैं और भक्तों को प्रेरित करती हैं।
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