“ललितासहस्रनाम” (Lalitasahastranam) ब्रह्मानंद त्रिपाठी द्वारा एक प्रमुख ग्रंथ है जो देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी के एक हजार नामों का संकलन प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक विशेष रूप से तंत्र विद्या और देवी पूजा के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पुस्तक का विवरण:
प्रस्तावना: पुस्तक की प्रस्तावना में लेखक ने ललितासहस्रनाम के महत्व और इसके आध्यात्मिक संदर्भ को स्पष्ट किया है। यह ग्रंथ देवी ललिता की उपासना और उनके नामों की पवित्रता को उजागर करता है।
मुख्य विषय:
- ललिता त्रिपुरसुंदरी का परिचय:
- देवी ललिता का स्वरूप, उनकी पूजा का महत्व और उनके मुख्य गुण।
- देवी ललिता के विभिन्न नामों का आध्यात्मिक और तात्त्विक अर्थ।
- ललितासहस्रनाम का विश्लेषण:
- एक हजार नामों का विस्तृत विश्लेषण और उनका मनोवैज्ञानिक, तात्त्विक, और आध्यात्मिक महत्व।
- प्रत्येक नाम के साथ जुड़ी शक्तियों और विशेषताओं का वर्णन।
- पूजा विधियाँ और मंत्र:
- ललितासहस्रनाम के पाठ और पूजा के विभिन्न विधियों का विवरण।
- मंत्रों के सही उच्चारण और उनका प्रभाव।
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