काव्यचिंतन (Kavya Chintan) – गोपीनाथ कविराज द्वारा
लेखक: श्री एस. एन. खंडेलवाल
विवरण:
काव्यचिंतन, गोपीनाथ कविराज की विचारधारा और दृष्टिकोण पर आधारित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इस पुस्तक में कवि और काव्य की समीक्षा, काव्यशास्त्र के सिद्धांत और उनके सांस्कृतिक प्रभाव की गहराई से चर्चा की गई है।
पुस्तक की प्रमुख बातें:
- काव्यशास्त्र की समीक्षा: पुस्तक में काव्यशास्त्र के विभिन्न पहलुओं की व्याख्या की गई है, जिसमें काव्य की सृजन प्रक्रिया, उसकी संरचना, और उसके सौंदर्यशास्त्र पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- सांस्कृतिक और दार्शनिक दृष्टिकोण: यह पुस्तक भारतीय संस्कृति और दर्शन के संदर्भ में कवि की दृष्टि को प्रस्तुत करती है, जो काव्य के प्रति एक विशिष्ट दार्शनिक दृष्टिकोण को उजागर करती है।
- उदाहरण और विश्लेषण: काव्य के विभिन्न उदाहरणों और उनके विश्लेषण के माध्यम से, पुस्तक पाठकों को काव्य के गहरे अर्थ और उसकी कलात्मकता को समझने में मदद करती है।
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