श्रीहरिवंशपुराणम् (Harivashampuranam) एक महत्वपूर्ण पौराणिक ग्रंथ है जिसे रामतेज पांडेय द्वारा रचित किया गया है। इस ग्रंथ में भगवान श्रीकृष्ण और उनके वंश के इतिहास का वर्णन किया गया है। यह पुराण महाभारत का ही एक हिस्सा माना जाता है, जिसमें श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं का विस्तृत विवरण है।
इस पुस्तक में 24,000 से अधिक श्लोक हैं और इसे तीन खंडों में विभाजित किया गया है:
- हरिवंश खंड
- विष्णु पर्व
- भविष्य पर्व
हरिवंश खंड में भगवान श्रीकृष्ण के अवतार और उनकी लीलाओं का वर्णन है। विष्णु पर्व में विष्णु के अवतारों और उनके कार्यों का वर्णन है, और भविष्य पर्व में भविष्य में होने वाली घटनाओं का उल्लेख किया गया है।






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