“घेरंड संहिता” (Gherand Samhita) का हिंदी अनुवाद और व्याख्या ज्ञान शंकर सहाय द्वारा किया गया है। यह पुस्तक हठयोग के प्रमुख ग्रंथों में से एक है, जिसे महर्षि घेरंड द्वारा रचित माना जाता है।
पुस्तक का विवरण:
“घेरंड संहिता” हठयोग की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जिसमें शरीर और मन की शुद्धि, स्थिरता, और आत्म-साक्षात्कार के मार्ग पर चलने के लिए विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। ज्ञान शंकर सहाय ने इस ग्रंथ का अनुवाद और व्याख्या सरल और स्पष्ट भाषा में की है, ताकि पाठक इसके गूढ़ रहस्यों को आसानी से समझ सकें।
मुख्य विशेषताएँ:
- सप्त साधनाएँ: पुस्तक में हठयोग के सात प्रमुख साधनों का वर्णन किया गया है, जो शरीर की शुद्धि, मानसिक स्थिरता, और आत्म-साक्षात्कार के लिए आवश्यक हैं। ये सात साधनाएँ हैं – षट्कर्म, आसन, मुद्राएँ, प्रत्याहार, प्राणायाम, ध्यान, और समाधि।
- शरीर और मन की शुद्धि: “घेरंड संहिता” में शरीर और मन की शुद्धि के लिए विभिन्न प्रकार के षट्कर्मों का वर्णन किया गया है, जैसे – नेति, धौति, बस्ती, नौलि, कपालभाति, और त्राटक। इन क्रियाओं के द्वारा शरीर और मन की अशुद्धियों को दूर किया जा सकता है।
- आसन और मुद्राएँ: पुस्तक में विभिन्न आसनों और मुद्राओं का विस्तार से वर्णन किया गया है, जो शरीर को स्वस्थ, मजबूत और स्थिर बनाते हैं।
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