ब्रह्म पुराण (2 खंड) – एस. एन. खंडेलवाल
ब्रह्म पुराण एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसे एस. एन. खंडेलवाल द्वारा संस्कृत मूल पाठ और हिंदी टीका के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक चौखंबा संस्कृत सीरीज द्वारा प्रकाशित की गई है और दो खंडों में विभाजित है। इसमें कुल 1447 पृष्ठ हैं।
ब्रह्म पुराण में ब्रह्मा, दक्ष प्रजापति और महर्षि नारद के बीच संवाद के रूप में कई कहानियाँ और धार्मिक उपदेश शामिल हैं। यह पुराण हिंदू धर्म के धार्मिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। इसमें ब्रह्मांड की उत्पत्ति, देवी-देवताओं के वंश, धर्म, नीति, तीर्थयात्रा और व्रतों का विस्तार से वर्णन है【39†source】【40†source】।
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